मिथिला एकता विकास परिषद्
पंडाल के हल्के रंग के परदों के सामने सरस्वती की मूर्ति, हाथ में वीणा
समाज की सेवा, समुदाय की मज़बूती, संस्कृति की रक्षा
परिषद् समाज सेवा, स्वास्थ्य, पढ़ाई, पर्यावरण और संस्कृति के काम में लगी एक पंजीकृत संस्था है। यह काम सदस्यों के सहयोग से चलता है और हिसाब सदस्यों के सामने रखा जाता है।
2004से लगातार कार्यरत
दिल्ली सरकार द्वारा प्रमाणित
परिषद् दिल्ली में पंजीकृत संस्था है और दिल्ली सरकार द्वारा दिल्ली क्षेत्र की प्रतिष्ठित संस्था के रूप में प्रमाणित है। संख्या, तिथि और प्रमाणपत्र की प्रति कार्यालय के मूल कागज़ों से ही यहाँ दर्ज होती है।
- पंजीकरण संख्या
- {{VERIFY: पंजीकरण संख्या}}
- प्रमाणपत्र संख्या
- {{VERIFY: प्रमाणपत्र संख्या}}
- प्रमाणन तिथि
- {{VERIFY: प्रमाणन तिथि}}
- स्थापना वर्ष
- 2004
परिषद् का काम
परिषद् का काम छह क्षेत्रों में चलता है। कुछ वर्षों से चल रहे हैं, कुछ की योजना बनी है और उन पर काम शुरू हुआ है।
संगठन का विकास
संस्था का ढाँचा, नियम और कामकाज, ताकि काम पारदर्शी और टिकाऊ रहे।
हिसाब और निर्णय सदस्यों के सामने रखे जाते हैं। स्थायी कार्यालय और सामुदायिक केंद्र के लिए भूमि की व्यवस्था की ओर परिषद् काम कर रही है, वह अभी बनी नहीं है।
और पढ़ेंसदस्यता का विस्तार
सदस्यों और स्वयंसेवकों की संख्या बढ़ाना और उन्हें काम से जोड़ना।
आवेदन प्रबंध समिति देखती है और स्वीकृति पर सदस्यता संख्या देती है। युवा, महिला और वरिष्ठ नागरिक स्वयंसेवक प्रकोष्ठ बनाने की योजना है, अभी बने नहीं हैं।
और पढ़ेंसमाज कल्याण
स्वास्थ्य, पढ़ाई और संकट के समय ज़रूरतमंद परिवारों की सहायता।
निःशुल्क स्वास्थ्य जाँच, रक्तदान, नेत्र और दंत शिविर लगाए जाते हैं। बच्चों की पढ़ाई और आपदा में परिवारों की सहायता प्रबंध समिति के निर्णय से होती है।
और पढ़ेंसंस्कृति और पर्व
सरस्वती पूजा, छठ पूजा और सामुदायिक पर्वों का आयोजन, विवाह में सहायता।
दोनों पर्वों की तिथि प्रबंध समिति छपे मिथिला पंचांग से दर्ज करती है। पंडाल, घाट और प्रसाद की व्यवस्था समिति के सदस्य आपस में बाँटकर सँभालते हैं।
और पढ़ेंपर्यावरण
वृक्षारोपण, स्वच्छता, जल संरक्षण और प्लास्टिक से मुक्ति के अभियान।
बरसात के आरंभ में पौधे लगाए जाते हैं और उनकी देखभाल का ज़िम्मा आसपास के सदस्य लेते हैं। स्वच्छता और प्लास्टिक मुक्त अभियान मोहल्लों में चलाए जाते हैं।
डिजिटल व्यवस्था
वेबसाइट और ऐप से सदस्यता, स्वयंसेवा और सहयोग राशि की ऑनलाइन व्यवस्था।
शुरुआत इस वेबसाइट से हुई है: सूचनाएँ, पर्व सूची और सदस्यता का आवेदन यहाँ मिलते हैं। मोबाइल ऐप और वार्षिक रिपोर्ट की योजना है, अभी बनी नहीं है।
परिषद् के दो पर्व: सरस्वती पूजा और छठ पूजा
सरस्वती पूजाबसंत पंचमी के दिन विद्या की देवी सरस्वती की पूजा। इस वर्ष के पंडाल, तिथि और कार्यक्रम की जानकारी यहाँ मिलती है।
माघ शुक्ल पंचमी
इस वर्ष की तिथि: {{VERIFY: सरस्वती पूजा की तिथि}}। प्रबंध समिति इसे छपे मिथिला पंचांग से दर्ज करती है, अनुमान से नहीं।
छठ पूजासूर्य और छठी मैया की चार दिन की पूजा, कार्तिक के महीने में। इस वर्ष के घाट, तिथि और अर्घ्य की जानकारी यहाँ मिलती है।
कार्तिक शुक्ल षष्ठी
इस वर्ष की तिथि: {{VERIFY: छठ पूजा की तिथि}}। प्रबंध समिति इसे छपे मिथिला पंचांग से दर्ज करती है, अनुमान से नहीं।
हाल के कार्यक्रम
नमूना सामग्रीसमाज कल्याण
1 अगस्त 2026
आपदा राहत संग्रह
आपदा के समय सदस्यों से राशि और सामग्री जुटाकर प्रभावित परिवारों तक पहुँचाई जाती है। पूरा हिसाब सदस्यों के सामने रखा जाता है। तिथि अस्थायी: {{VERIFY: संग्रह की तिथि}}।
स्थान: एक सामुदायिक भवन
नमूना सामग्रीपर्यावरण
12 जुलाई 2026
वृक्षारोपण कार्यक्रम
वर्षा के आरंभ में वृक्षारोपण किया गया। आम, नीम और सहजन के पौधे लगाए गए। पौधों की देखभाल की जिम्मेदारी क्षेत्र के सदस्यों ने ली।
स्थान: विद्यालय प्रांगण और आसपास
- नमूना सामग्री
समाज कल्याण
14 जून 2026
रक्तदान शिविर
परिषद् की ओर से रक्तदान शिविर आयोजित किया गया। सदस्यों और क्षेत्र के लोगों ने रक्तदान किया। शिविर में स्थानीय अस्पताल की टीम ने सहयोग दिया।
स्थान: परिषद् कार्यालय परिसर
हाल के आलेख
- संस्था के अभिलेखसंस्था के अभिलेख: कौन सा काग़ज़ कहाँ मिलता हैनमूना सामग्री
नियमावली, पंजीकरण प्रमाणपत्र, वार्षिक लेखा, कार्यवृत्त और स्मारिका। कौन सा काग़ज़ सार्वजनिक है, कौन सा नहीं, और किससे माँगा जाए।
19 जुलाई 2026
- अरिपन और मधुबनीअरिपन और मधुबनी: आँगन की रेखाएँनमूना सामग्री
अरिपन चावल के घोल से ज़मीन पर उँगली से बनाया जाता है; मधुबनी चित्रकला दीवार से काग़ज़ तक पहुँची। दोनों एक ही परंपरा के दो रूप हैं।
5 जुलाई 2026
- सुनी हुई बातेंघर के बुज़ुर्गों से क्या पूछें, और उसे कैसे रखेंनमूना सामग्री
मोबाइल में एक घंटे की बातचीत रिकॉर्ड करना कठिन नहीं है। कठिन यह जानना है कि पूछना क्या है। दस प्रश्न और थोड़ी सी व्यवस्था।
21 जून 2026
सूचनाएँ
1 सितंबर 2026
छठ घाट के लिए स्वयंसेवक चाहिएसंध्या अर्घ्य और प्रातः अर्घ्य के समय घाट पर व्यवस्था के लिए स्वयंसेवकों की ज़रूरत है: भीड़ की व्यवस्था, प्रकाश, पेयजल और सफ़ाई। युवा सदस्य विशेष रूप से नाम दें। प्रकाशन तिथि सांकेतिक है। नाम देने की...
1 अगस्त 2026
छठ पूजा की तैयारी बैठकइस वर्ष की छठ पूजा के लिए घाट की सफ़ाई, प्रकाश, पेयजल और बैठने की व्यवस्था की ज़िम्मेदारी बैठक में बाँटी जाएगी। जो सदस्य कोई काम लेना चाहते हैं, वे बैठक में आएँ या पहले नाम भेज दें। प्रकाशन तिथि...
20 जुलाई 2026
वार्षिक साधारण सभा की सूचनापरिषद् की वार्षिक साधारण सभा आगामी माह आयोजित की जाएगी। सभा में वर्ष भर के कार्यों का विवरण और आय व्यय का हिसाब सदस्यों के सामने रखा जाएगा। सभी सदस्यों से समय पर उपस्थित होने का अनुरोध है। जिन...
12 जुलाई 2026
सरस्वती पूजा की तैयारी बैठकअगली सरस्वती पूजा की तैयारी के लिए बैठक रखी गई है। पंडाल, प्रसाद और सांस्कृतिक कार्यक्रम की जिम्मेदारी बैठक में तय होगी। जो सदस्य किसी काम में सहयोग देना चाहते हैं, वे बैठक में अपना नाम दर्ज करा सकते...
सेवा से एकता
जुड़ने के दो रास्ते
सदस्य बनें
आवेदन पत्र भरिए। प्रबंध समिति उसे देखती है और स्वीकृति के बाद सदस्यता संख्या और रसीद मिलती है। सदस्य शिविर, पर्व और बैठकों में हाथ बँटाते हैं।
आवेदन करेंसहयोग राशि दें
शिविर, पंडाल, घाट और प्रसाद का खर्च सदस्यों और आसपास के लोगों के सहयोग से चलता है। राशि भेजने का तरीका कार्यालय से पूछिए। हर राशि की रसीद बनती है और वर्ष का हिसाब सदस्यों के सामने रखा जाता है।
कार्यालय से संपर्क करें



