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सरस्वती पूजा

बसंत पंचमी के दिन विद्या की देवी सरस्वती की पूजा। इस वर्ष के पंडाल, तिथि और कार्यक्रम की जानकारी यहाँ मिलती है।

तिथि

माघ शुक्ल पंचमी

छपे मिथिला पंचांग से दर्ज होना बाकी है

इस वर्ष की तिथि: {{VERIFY: सरस्वती पूजा की तिथि}}। प्रबंध समिति इसे छपे मिथिला पंचांग से दर्ज करती है, अनुमान से नहीं।

सरस्वती पूजा

आयोजन के बारे में

सरस्वती विद्या, संगीत और कला की देवी हैं। माघ महीने की शुक्ल पंचमी, जिसे बसंत पंचमी कहते हैं, उनकी पूजा का दिन है। इसी दिन परिषद् पंडाल में सरस्वती पूजा का आयोजन करती है। छठ पूजा के साथ यह परिषद् के दो पर्वों में से एक है।

पंडाल में मूर्ति स्थापित होती है, पूजा होती है और सबको प्रसाद मिलता है। बच्चे अपनी किताबें और कलम देवी के सामने रखते हैं। सांस्कृतिक कार्यक्रम में बच्चे और बड़े दोनों भाग लेते हैं। पूजा पूरी होने पर मूर्ति का विसर्जन होता है।

मिथिला में इस पूजा का अपना ढंग है। पंडाल के सामने अरिपन बनता है, यानी पिसे चावल के घोल से ज़मीन पर बनी सफ़ेद आकृति। कई परिवार बच्चे की पहली पढ़ाई, जिसे अक्षरारंभ कहते हैं, इसी दिन कराते हैं। जिन बच्चों का जन्म दिल्ली में हुआ है, उनके लिए पंडाल वह जगह है जहाँ वे यह सब पहली बार देखते हैं।

इस पर्व के दो दिन

  1. पूजा

    बसंत पंचमी के दिन पंडाल में पूजा होती है। परिवार पीले वस्त्र पहनकर आते हैं और बच्चे अपनी किताबें और कलम देवी के सामने रखते हैं। पूजा के बाद सबको प्रसाद मिलता है और सांस्कृतिक कार्यक्रम होता है।

  2. विसर्जन

    पूजा पूरी होने पर मूर्ति को पंडाल से विसर्जन की तय जगह तक ले जाया जाता है। परिवार और स्वयंसेवक साथ चलते हैं। विसर्जन किस दिन और कहाँ होगा, यह प्रबंध समिति तय करती है और इसी पन्ने पर बताती है।

पंडाल की व्यवस्था

पंडाल की जगह, मूर्ति, अरिपन और सजावट की व्यवस्था परिषद् करती है। पूजा की सामग्री और पंडित का प्रबंध भी समिति करती है, ताकि परिवार खाली हाथ आएँ और पूजा में बैठें।

प्रसाद बनने से लेकर बाँटने तक, सांस्कृतिक कार्यक्रम की सूची और विसर्जन की यात्रा, इन सबकी ज़िम्मेदारी स्वयंसेवकों में बाँटी जाती है। कौन क्या करेगा, यह आयोजन से पहले तय होता है, आयोजन के दिन नहीं।

कैसे भाग लें

परिवार के साथ पंडाल आइए और बच्चों की किताबें और कलम साथ लाइए। जो सदस्य पूजा की तैयारी, प्रसाद या सांस्कृतिक कार्यक्रम में हाथ बँटाना चाहते हैं, वे अपना नाम कार्यालय को भेज दें। समिति काम बाँटकर बताती है।

नाम कार्यालय को भेजें