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ठेकुआ: छठ का प्रसाद और उसे बनाने का तरीका

यह प्रविष्टि अस्थायी है और प्रबंध समिति की पुष्टि शेष है।

भोजन 26 अक्टूबर 2025

ठेकुआ गेहूँ के आटे, गुड़ और घी से बनता है। कुछ घरों में इसमें सौंफ या नारियल का बुरादा भी डाला जाता है। तला हुआ होता है और सूप में यही प्रसाद सबसे ऊपर रखा जाता है।

बनाने का नियम सामग्री से अधिक महत्व रखता है। रसोई पहले धोई जाती है, बनाने वाला स्नान करके ही रसोई में जाता है, और बनाते समय चखा नहीं जाता। यह प्रसाद है, पकवान नहीं। यही एक बात बच्चों को समझाने में सबसे अधिक समय लगती है।

तरीका सीधा है। गुड़ को थोड़े पानी में घोलकर छान लें। आटे में घी का मोयन देकर उसी गुड़ के पानी से कड़ा गूँथें। पानी कम लगेगा, यह जान लें: आटा जितना कड़ा होगा, ठेकुआ उतना ही अच्छा बनेगा।

लोई को हाथ से या लकड़ी के साँचे से दबाकर आकार दें। साँचे पर बनी रेखाएँ केवल सजावट नहीं हैं, वे तलते समय ठेकुआ को भीतर तक पकने देती हैं। घी या तेल में मध्यम से कम आँच पर तलें। तेज़ आँच पर ऊपर से रंग आ जाएगा और भीतर कच्चा रह जाएगा।

इसमें दूध या पानी नहीं पड़ता, इसीलिए यह कई दिन चल जाता है। पहले जब लोग पैदल या गाड़ी से दूर जाते थे, यही प्रसाद रास्ते भर साथ रहता था। दिल्ली में रहने वाले परिवार इसी कारण इसे डिब्बे में भरकर गाँव भी भेज देते हैं।

घर में यदि साँचा न हो तो काँटे से दबाकर रेखाएँ बना लें। स्वाद में अंतर नहीं आएगा।